रुठ के तुझसे दूर चले जा रहे थे हम।
पर जहाँ भी देखा तुझे ही देखा हरदम।
आखिर कहाँ तुझसे रुठके जाएँगे हम।
प्यार तेरे जैसा और कहाँ मिलेगा सनम।
कि तेरे जैसा यार कहाँ मिलेगा हमें सनम।
मन में बसे हो तुम, ऐसे छाए हो दिल पे हमारे सनम।
कि तेरे धर पे हम दौड़े आए, चाहते हैं ये कदम।
न कोई ले सके तेरा ये स्थान हमारे दिल से सनम।
कि तुझपे हम हैं फिदा, क्या करें अब हम।
न रुठ सकते तुझसे, न तुम चले जाना सनम।
साथ साथ लेते जाना तुम हमें तेरे साथ सनम।
- डॉ. हीरा