निगाहें चूरा के बैठे थे आप, कि प्यार का इजहार भी न कर सके आप,
रोम रोम झूम रहे थे आप, कि प्रेम के आँसू न बंद कर सके आप।
जाम पे ज़ाम पीला रहे थे आप, कि खुद ही मदहोश हो गए आप,
डूब गए थे प्यार के सागर में आप, कि खुद को ही भूल गए थे आप।
प्रिये की याद में खो गए थे आप, कि मंजिल ही आ गई आप के पास,
क्या कहें बस इतना कि लाजवाब हैं आप, कि हमें भी साथ ले चलिए आप।
नशा है प्यार का ऐसा आप के पास, कि बच न सके आप भी ख़ास।
मिलन है तैयार मिलने आप के पास, कि खुशी है झमती आप के पास।
याद में तेरी खो गए हम सारी रात, कि मेरे खुदा मिल मुझे तू आज सारी रात।
निगाहें न चुरा तुम, ओह मेरे साथ, कि नशे में हम है तेरे साथ।
- डॉ. हीरा