चाहे तू हमें कितना भी कामयाब बनाले, पर तेरा नाम ले सकें, वो पल न छीनना।
चाहे तू हमें कितना भी मज़बूत बनाले, पर तुझ को याद करके रो सकें हम, वो पल न छीनना।
चाहे तू हमें कितना भी निडर बनाले, पर तेरे सामने सर झुका सकें हम, वो हमसे पल न छीनना।
चाहे तू हमे कितनी भी ख़ुशी दे दे, पर गम ने सिखाया हुआ तेरा नाम, वो नाम हमसे मत छीनना।
चाहे तू हमसे कितना भी काम करवाले, पर तुझको मिलने की आस, वो हमसे न छीनना।
चाहे तेरे दर्शन हो दुर्लभ, पर दिल में जो है तेरी तस्वीर, वो हमसे न छीनना।
चाहे हम कर्म करते करते थक जाएँ, पर तेरे नाम लेते कभी न थकें, वो हमसे न छीनना।
चाहे बोलते बोलते ये लब चुप हो जाएँ, पर तेरे ये अनमोल गीत गा सकें हम, वो गीत हमसे न छीनना।
चाहे तेरी याद में रोते रोते हम सो जाएँ, पर सपनों में भी हो तेरी ही याद, वो हमसे न छीनना।
चाहे जीते जीते हम इस पूरी दुनिया को भुला दे, हर पल तुझे याद करें हम, वो हमसे न छीनना।
- डॉ. हीरा