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Date: 05-Feb-2022
कातिल अंदाज़ों पर मरते हैं हम,
कि निगाहों के गुनाहों पर मरते हैं हम,
दिल के सुर में खोते हैं हम,
ऐ खुदा, तेरी ये अदाओं में ही तो जीते हैं हम।
- डॉ. हीरा
कातिल अंदाज़ों पर मरते हैं हम,
कि निगाहों के गुनाहों पर मरते हैं हम,
दिल के सुर में खोते हैं हम,
ऐ खुदा, तेरी ये अदाओं में ही तो जीते हैं हम।
- डॉ. हीरा
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